समाज सेविका रुक्मणी राजू रामटेके ने दी अम्बेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं, बाबा साहेब अम्बेडकर जी के आदर्शों पर चलने का किया आह्वान

 रायपुर (छत्तीसगढ़)।

भारत रत्न, संविधान निर्माता एवं सामाजिक न्याय के महान पुरोधा डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के पावन अवसर पर रायपुर की समाज सेविका रुक्मणी राजू रामटेके ने प्रदेशवासियों सहित देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।








अपने शुभकामना संदेश में रुक्मणी राजू रामटेके ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और आत्मसम्मान की अद्वितीय प्रेरणा है। उन्होंने अपने अथक प्रयासों से समाज के वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों को न्याय और अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। भारतीय संविधान का निर्माण कर उन्होंने देश को एक सशक्त और लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया, जो आज भी देश की प्रगति का मार्गदर्शक है।

उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने समाज में व्याप्त भेदभाव, छुआछूत और असमानता के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है और हर व्यक्ति को इसे अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

रुक्मणी राजू रामटेके ने आगे कहा कि एक समाज सेविका के रूप में उनका प्रयास हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करना और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करना रहा है। बाबा साहेब के विचारों से प्रेरणा लेकर वे समाज में समानता, शिक्षा और जागरूकता फैलाने का कार्य निरंतर कर रही हैं।

उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे शिक्षा को प्राथमिकता दें और आत्मनिर्भर बनें। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा, तभी बाबा साहेब के सपनों का भारत साकार हो सकेगा।

 सभी नागरिकों को अम्बेडकर जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आइए, हम सभी मिलकर बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाएं और एक समतामूलक, न्यायपूर्ण एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।