रायपुर, 22 अप्रैल 2026।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर की पावन धरती पर भारत रत्न और क्रिकेट जगत के महानायक सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की एक सशक्त और सकारात्मक पहचान बनकर उभरा है। उन्होंने इसे नए बस्तर की तस्वीर बताते हुए कहा कि अब यह क्षेत्र भय और असुरक्षा से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के माध्यम से जनजातीय अंचल में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखी जा रही है। सचिन तेंदुलकर का बच्चों के बीच जाकर उन्हें प्रेरित करना, उनके साथ समय बिताना और आत्मविश्वास जगाना अत्यंत प्रेरणादायी है। इससे युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
छिंदनार में खेल क्रांति की शुरुआत
दंतेवाड़ा जिले के छिंदनार गांव स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल में सचिन तेंदुलकर ने मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। यह पहल Sachin Tendulkar Foundation और Mann Deshi Foundation द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में बच्चों ने रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सचिन तेंदुलकर ने खुद बच्चों के साथ खेलकर उनका मनोबल बढ़ाया।
सचिन तेंदुलकर का संदेश
इस अवसर पर सचिन तेंदुलकर ने कहा:
“भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए सिर्फ जुनून नहीं, बल्कि मजबूत खेल सुविधाएं भी जरूरी हैं।”
उन्होंने बच्चों को कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का महत्व बताते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए शॉर्टकट नहीं, बल्कि समर्पण जरूरी है। साथ ही उन्होंने खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।
50 गांवों में विकसित होंगे खेल मैदान
फाउंडेशन द्वारा बस्तर क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहां क्रिकेट के साथ फुटबॉल, कबड्डी और अन्य खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रेरणा और सम्मान का पल
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सचिन तेंदुलकर का जन्मदिन अग्रिम रूप से मनाया। वहीं जिला प्रशासन और ग्रामीणों द्वारा उन्हें टेराकोटा और लौह शिल्प भेंट कर सम्मानित किया गया।
प्रशासन का संदेश
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर यहां के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
सचिन तेंदुलकर का यह दौरा न सिर्फ एक कार्यक्रम रहा, बल्कि बस्तर के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद, नई दिशा और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत साबित हुआ।







