रायपुर, 09 अप्रैल 2026।
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने महिला एवं बाल विकास विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को गुणवत्ताहीन, छोटी और घटिया साड़ियां वितरित की गई हैं, जो उपयोग के योग्य तक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि वितरित की गई साड़ियों की लंबाई 5 मीटर से भी कम है और चौड़ाई भी मानक के अनुरूप नहीं है, जिसके कारण महिलाएं इनका उपयोग नहीं कर पा रही हैं। यह सीधे तौर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान और अधिकारों के साथ खिलवाड़ है।
श्रीमती राजपूत ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में एक महिला मंत्री के रहते हुए भी महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी हो रही है और विभाग में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी विभाग में कई बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में 40 करोड़ रुपये से अधिक की पोषण सामग्री की खरीद में अनियमितताएं सामने आईं। सामूहिक कन्या विवाह योजना में बिना टेंडर कार्यादेश जारी किए गए, वहीं प्रदेश के लगभग 2899 आंगनवाड़ी केंद्रों में 16 करोड़ रुपये की लागत से टीवी और आरओ यूनिट की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई। केंद्रीकृत टेंडर के बजाय टुकड़ों में खरीद कर भ्रष्टाचार किया गया। इसके अलावा, ‘सुचिता योजना’ के तहत सेनेटरी पैड की खरीद में भी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई घटिया साड़ियों को तत्काल वापस लिया जाए और उन्हें बेहतर गुणवत्ता की साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, इस पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि बार-बार भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बावजूद सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों का मनोबल बढ़ रहा है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है, जिसका खामियाजा प्रदेश की गरीब और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
वंदना राजपूत
प्रवक्ता
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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