मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों मिला सम्मान: रुक्मणि राजू रामटेके द्वारा रायपुर में रचा गया विश्व रिकॉर्ड, अंबेडकर जयंती पर हजारों लोगों ने धारण की धम्मपटिका

 रायपुर। विशेष रिपोर्ट:

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में “सबसे बड़ी संख्या में लोगों द्वारा एक साथ धम्मपटिका धारण करने” का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। इस गौरवशाली उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा प्रमाणित किया गया है।










यह ऐतिहासिक आयोजन डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सार्वजनिक जयंती समारोह समिति, रायपुर के तत्वावधान में संपन्न हुआ। 14 अप्रैल 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों ने एकत्र होकर एक साथ धम्मपटिका धारण की और सामाजिक एकता, समानता एवं बौद्ध धम्म के सिद्धांतों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों—शिक्षा, संगठन और संघर्ष—को जन-जन तक पहुंचाना था। इस आयोजन ने समाज में भाईचारे, समरसता और जागरूकता का सशक्त संदेश दिया।

इस भव्य आयोजन का नेतृत्व रुक्मणि राजू रामटेके द्वारा किया गया, जिनके मार्गदर्शन और अथक प्रयासों से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो सकी। उनके साथ संजय गजघाटे ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महीनों की तैयारी, सशक्त टीमवर्क और उत्कृष्ट प्रबंधन के चलते यह कार्यक्रम पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए रुक्मणि राजू रामटेके को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ, जिससे इस उपलब्धि की गरिमा और भी बढ़ गई।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा जारी प्रमाण पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस अवसर पर रिकॉर्ड तोड़ संख्या में लोगों ने “धम्मपटिका” धारण कर एक नई मिसाल कायम की है। यह उपलब्धि न केवल रायपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय बन गई है।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने और समाज में समानता व न्याय की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। विभिन्न वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने का कार्य करते हैं।

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद प्रदेशभर में खुशी और उत्साह का माहौल है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने आयोजन समिति, विशेषकर रुक्मणि राजू रामटेके को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

निस्संदेह, रायपुर में बना यह विश्व रिकॉर्ड आने वाले समय में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा, जो समाज को एकजुटता, समानता और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा।