बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर समाजसेवी एवं विचारशील व्यक्तित्व क्रांतिकारी पार्वती साहू ने प्रदेशवासियों एवं देशभर के नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया। अपने संदेश में उन्होंने भगवान बुद्ध के जीवन, उनके त्याग, ज्ञान और मानव कल्याण के मार्ग को काव्य के माध्यम से प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि वैशाख पूर्णिमा का यह दिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान बुद्ध ने राजसी सुखों का त्याग कर सत्य की खोज की और मानवता को दुखों से मुक्ति का मार्ग दिखाया। उनका “अप्प दीपो भव” का संदेश आज भी हर व्यक्ति को स्वयं जागरूक बनने और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
पार्वती साहू ने अपने संदेश में कर्म, करुणा और समता को जीवन का मूल आधार बताते हुए कहा कि अंधविश्वास, पाखंड और अज्ञान से बाहर निकलकर वैज्ञानिक सोच अपनाना ही सच्ची श्रद्धा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नफरत को प्रेम से, क्रोध को क्षमा से और लालच को दान से खत्म करें।
उन्होंने आगे कहा कि बुद्ध का मध्यम मार्ग हमें संतुलन और शांति का रास्ता दिखाता है, जिसे अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आग्रह किया कि हम मिलकर एक ऐसा समाज बनाएंगे, जहां ज्ञान, विज्ञान और मानवता का प्रकाश फैले।
उन्होंने “बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि” का उच्चारण करते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और मंगल की कामना की।
