ई-रिक्शा ऑटो चालकों को मिली राहत, 5 मई तक बढ़ी समय सीमा


बिलासपुर। ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पहल करते हुए पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। इस पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है, जिसमें चालकों को बड़ी राहत मिली है।









बिलासपुर महानगर में लगभग 10,000 से अधिक ई-रिक्शा और ऑटो संचालित होते हैं। यातायात विभाग द्वारा चालकों को 25 अप्रैल तक ड्रेस कोड का पालन करने और लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए गए थे, साथ ही कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। इससे बड़ी संख्या में चालक, जो मुख्यतः आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं, परेशानी में थे।

ऑटो चालक संघ ने अपनी समस्या कांग्रेस नेता श्री त्रिलोकचंद श्रीवास (राष्ट्रीय समन्वयक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) को बताई। उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं — प्रमोद नायक, अभय नारायण राय और राजेंद्र शुक्ल — के साथ प्रतिनिधिमंडल बनाकर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की।

कांग्रेस नेताओं ने मांग रखी कि चालकों को ड्रेस कोड और लाइसेंस बनवाने के लिए कम से कम 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि नाबालिग चालकों और नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुरक्षित बनी रहे।

पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मांगों को स्वीकार किया और ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों को अब 5 मई तक का समय प्रदान किया है। इसके अलावा उन्होंने जल्द ही एक कार्यशाला आयोजित करने की भी बात कही, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

इस अवसर पर कांग्रेस नेता त्रिलोकचंद श्रीवास, प्रमोद नायक, अभय नारायण राय, राजेंद्र शुक्ल, ऑटो संघ के अध्यक्ष संजय खुरसायल, दुर्गा साहू, रफीक खान, राजा श्रीवास, नायडू भाई सहित सैकड़ों की संख्या में ऑटो चालक उपस्थित रहे।

ऑटो चालक संघ के सदस्यों ने इस गंभीर मुद्दे पर सहयोग और त्वरित कार्रवाई के लिए कांग्रेस नेताओं एवं पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।