राशन व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला: तीन माह का चावल ‘प्रचार’, जनता को 5 महीनों से नहीं मिला राशन

 रायपुर, 06 अप्रैल 2026।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि तीन महीने का चावल एकमुश्त देने की घोषणा केवल सस्ता प्रचार है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि लोगों को पिछले कई महीनों से नियमित राशन तक नहीं मिल पा रहा है।








प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार “चावल उत्सव” मनाने की तैयारी कर रही है, लेकिन अभी तक राशन दुकानों में आवश्यक मात्रा का 30 प्रतिशत चावल भी नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में तीन महीने का चावल एक साथ देने का दावा पूरी तरह भ्रामक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच महीनों से राशन दुकानों में नियमित आपूर्ति नहीं हो पाई है, जिसके कारण राशन कार्डधारियों को चावल नहीं मिल रहा। सरकार एक ओर उत्सव मनाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर उपभोक्ता परेशान हैं और उन्हें उनके अधिकार का राशन नहीं मिल पा रहा।

वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार केवाईसी के नाम पर राशन वितरण में बाधा डाल रही है। उनके अनुसार, करीब 31 लाख उपभोक्ताओं के राशन कार्ड केवाईसी के बहाने निरस्त कर दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले ही राशन कार्ड बनाते समय आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लिए गए थे, तो अचानक बड़ी संख्या में कार्ड निरस्त करने की क्या आवश्यकता थी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नहीं चाहती कि सभी पात्र लोगों को राशन उपलब्ध कराया जाए, इसलिए केवाईसी अपडेट को बहाना बनाकर लाखों परिवारों को व्यवस्था से बाहर किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में लोग राशन के लिए भटकने को मजबूर हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पीडीएस व्यवस्था पारदर्शी और विश्वसनीय मानी जाती थी। उस समय 81 लाख परिवारों को व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत राशन कार्ड जारी किए गए थे, जिसमें स्थानीय निकायों की भागीदारी और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शामिल थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में सरकार बदलने के बाद पुनः राशन कार्डों को निरस्त कर लोगों को नए कार्ड बनवाने के लिए मजबूर किया गया। वर्तमान में भी लाखों परिवार केवाईसी के अभाव में राशन से वंचित हैं।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को आम जनता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए सरकार से पारदर्शी और नियमित राशन वितरण सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर उनका अधिकार मिल सके।