विश्व रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती पर भव्य आयोजन, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं फिल्म अभिनेत्री प्रेरणा धाबर्डे*


राजनांदगांव (छ.ग.) |

करुणा बुद्ध विहार, चिखली-शांतिनगर में भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में फिल्म अभिनेत्री प्रेरणा धाबर्डे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जिनकी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।




























कार्यक्रम का आयोजन बौद्ध सेवा समिति एवं रमाआई महिला मंडल द्वारा किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की बाबा साहेब जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके पश्चात उनके विचारों और संविधान में दिए गए मूल्यों को स्मरण किया गया।

मुख्य अतिथि प्रेरणा धाबर्डे जी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में ऋषभ नाहटा जी (सी.ए.), मृणाल चौबे जी (अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी), एच.बी. गांधी जी (वरिष्ठ अधिवक्ता), करनैल सिंह भाटिया जी (सामाजिक चिंतक) तथा एस. गार्डिया जी (संचालक, एल.एल. स्कूल) उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने विचारों के माध्यम से बाबा साहेब के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके सिद्धांतों एवं भारतीय संविधान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इसके साथ ही कार्यक्रम में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं बसंत रुसे जी एवं रेणुका शेंडे जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने समाज में जागरूकता, शिक्षा और संगठन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बाल धम्म सभा के माध्यम से भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन एवं बुद्ध वंदना प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बना दिया। उपस्थितजनों ने इन प्रस्तुतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन कविता साहू जी द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने सहज एवं सुस्पष्ट शैली से पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।


साथ ही संदीप कोलाटकर ने बहुत ही अच्छा मंच संचालन किया


इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रेरणा धाबर्डे जी सहित सभी अतिथियों का सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज के हर वर्ग के लिए उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं।

आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में समानता, भाईचारा और शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।