बिलासपुर।
Rotary Club of Bilaspur Queens एवं Pinaki The Fitness Mantra के संयुक्त तत्वावधान में 28 फरवरी 2026, शनिवार को गोविंदम पैलेस, बिलासपुर में “ब्रजरस रंगोत्सव – द रॉयल सेलिब्रेशन ऑफ कलर्स एंड कल्चर” का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कैंसर सर्वाइवर के समर्थन हेतु एक विशेष फंडरेजिंग इवेंट के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें रंग, संस्कृति और सेवा भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, महिला उद्यमियों एवं युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पूरे परिसर को ब्रज थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मंच तक पुष्प सज्जा और पारंपरिक अलंकरण ने वातावरण को उत्सवी स्वरूप प्रदान किया।
फूलों की होली बनी मुख्य आकर्षण
आयोजन का सबसे विशेष आकर्षण फूलों की होली रही। गुलाब, गेंदे और अन्य सुगंधित पुष्पों की वर्षा के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। पारंपरिक लोकगीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नृत्य कार्यक्रमों ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया। उपस्थित लोगों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
स्पंदन सोसाइटी को 51,000 रुपये की सहयोग राशि
कैंसर पीड़ितों के लिए कार्यरत स्पंदन सोसाइटी को 51,000 रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई। यह राशि कैंसर सर्वाइवर एवं जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए समर्पित की गई। यह क्षण पूरे आयोजन का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक पल रहा। आयोजकों ने कहा कि समाज में सेवा और संवेदना की भावना को बढ़ावा देना ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
मुख्य पदाधिकारी
Francesco Arezzo – आरआई अध्यक्ष
Seema Thakur – अध्यक्ष
Bharti Salunke – सचिव
Amit Jaiswal – आरआई गवर्नर
Manisha Jaiswal – कार्यक्रम अध्यक्षा
Priyanka Jiwanani – कोषाध्यक्ष
सभी पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में सेवा को सर्वोपरि बताते हुए समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए निरंतर सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।
निष्कर्ष
“ब्रजरस रंगोत्सव” केवल रंगों का उत्सव नहीं था, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि जब उत्सव के साथ सेवा का भाव जुड़ता है, तब वह आयोजन समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन जाता है।
Rotary Club of Bilaspur Queens एवं Pinaki The Fitness Mantra द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम बिलासपुर की सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का प्रतीक बन गया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक लोगों के मन में जीवित रहेंगी।



















