आनंद मानिकपुरी: छत्तीसगढ़ी सिनेमा के क्रिएटिव फिल्ममेकर जो खुद बनाते हैं अपनी फिल्मों को एक फिल्म, एक निर्देशक, और एक क्रिएटिव का अनोखा संगम रिपोर्टर: राकेश कुमार साहू, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़
रायपुर: छत्तीसगढ़ी सिनेमा के युवा और क्रिएटिव फिल्ममेकर आनंद मानिकपुरी एक बार फिर से कुछ नया और दिल छू लेने वाला लेकर आ रहे हैं। उनकी आगामी फीचर फिल्म ‘मोर वाली अलग हे’ रिलीज़ से पहले ही चर्चा में है और इसकी सबसे बड़ी वजह खुद आनंद हैं, जिनसे फिल्म इंडस्ट्री में “एक व्यक्ति पूरी फिल्म फैक्ट्री” कहा जाता है।
आनंद मानिकपुरी: एक व्यक्ति पूरी फिल्म फैक्ट्री
आनंद मानिकपुरी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे पूरी फिल्म को खुद अपने हाथों से गढ़ते हैं। वे—
कहानी लिखते हैं
स्क्रिप्ट तैयार करते हैं
निर्देशन करते हैं
खुद एक्टिंग करते हैं
एडिटिंग तक की कमान संभालते हैं
दिन-रात की मेहनत, शूट की थकान और नींद रहित रातें—इन संघर्षों का हर फ्रेम में स्पष्ट रूप से एहसास होता है। इस बार, प्रवीण साहू उनके पार्टनर और प्रोड्यूसर के रूप में उनका साथ दे रहे हैं। आनंद का कहना है, “मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्म में दिखने वाली हर चीज़ मेरे अपने हाथों से बनी हो। तभी वह सच्ची लगती है।"
सच्ची घटनाओं पर आधारित, हंसी-खुशी और संदेश का संगम
‘मोर वाली अलग हे’ सिर्फ एक मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह आज के युवाओं की असल जिंदगी, उनके संघर्ष और सपनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दर्शाती है। इस फिल्म के ज़रिए कॉमेडी के माध्यम से दिया गया संदेश दर्शकों को हंसाते-हंसाते सोचने पर मजबूर करेगा। फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और इसमें:
सामाजिक संदेश
हास्य
भावनाएं
रियलिस्टिक टच
इन सभी का मिश्रण है, जो दर्शकों को अपनी ज़िंदगी से जुड़ा हुआ महसूस कराएगा।
टीम और क्रू
प्रोड्यूसर: आनंद मानिकपुरी, प्रवीण साहू
डायरेक्टर/लेखक: आनंद मानिकपुरी
छायांकन: जातीन साहू
कलर/DI: तुषार मानिकपुरी
स्वर: सुनील सोनी, भीमा बंजारे
गीत/संगीत: राहुल डडसेना
मेकअप: अनिता साहू और टीम
मुख्य कलाकार
आनंद मानिकपुरी
ऋतु विश्वकर्मा
शौर्य सिंह राठौड़
अमन कांत
विनोद उपाध्याय
चंदन पटेल
मोहनी
नरेंद्र सिंह
हेमलाल कौशल
मनीषा वर्मा
तीसरी बड़ी प्रस्तुति: “मोर वाली अलग हे”
छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में आनंद मानिकपुरी एक ऐसा नाम बन चुके हैं जो परंपरागत फॉर्मूले से हटकर काम करते हैं। जबकि इंडस्ट्री ट्रेंडिंग फॉर्मूले और बड़े चेहरों के पीछे भागती है, आनंद अपनी अलग राह चुनते हैं और यही उनकी पहचान बन चुकी है।
उनकी सुपरहिट फिल्मों “सरई” और “ए दादा रे” के बाद अब दर्शकों की उम्मीदें उनकी तीसरी फिल्म “मोर वाली अलग हे” से और भी ज्यादा बढ़ चुकी हैं। इस फिल्म में भी आनंद ने अपनी क्रिएटिविटी से कुछ नया पेश किया है।
रिपोर्टर राकेश कुमार साहू कहते हैं, "आनंद मानिकपुरी एक अच्छे कलाकार और मंजे हुए फिल्ममेकर हैं। यूट्यूब लाइन से फिल्मों के निर्माण में उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है।"
आने वाली इस फिल्म से छत्तीसगढ़ी सिनेमा को एक और बेहतरीन प्रस्तुति मिलने वाली है, जो दर्शकों को हंसी और भावनाओं के संगम से जोड़ने का काम करेगी।

