कलार समाज परिक्षेत्र फिंगेश्वर में शिक्षा, सम्मान और प्रेरणा का एक अत्यंत गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक खोमन गुरुजी के नेतृत्व में कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का भव्य अभिनंदन किया गया। यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का सशक्त संदेश बनकर उभरा।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10वीं की प्रतिभाशाली छात्रा कु. भूकन्या सिन्हा, पिता श्री अशोक सिन्हा, ग्राम छुईहा निवासी, को गरियाबंद जिले के टॉप टेन में स्थान प्राप्त करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। वहीं कक्षा 12वीं के छात्र पेमिन सिन्हा, ग्राम जामगांव निवासी, पिता श्री भुनेश्वर सिन्हा, जिन्होंने 89 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट सफलता हासिल की, उन्हें भी समाज द्वारा विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान स्वरूप कक्षा 10वीं की छात्रा को 1101 रुपए तथा कक्षा 12वीं के छात्र को 2100 रुपए की प्रोत्साहन राशि भेंट की गई। साथ ही श्रीफल, तिलक एवं मुंह मीठा कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। यह सम्मान विद्यार्थियों के लिए न केवल प्रोत्साहन का माध्यम बना, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई देने वाला सिद्ध हुआ।
इस गरिमामयी अवसर पर कलार समाज परिक्षेत्र फिंगेश्वर के मंडलेश्वर श्री ओमप्रकाश सिन्हा, सचिव श्री राजकुमार सिन्हा, कोषाध्यक्ष खोमन गुरुजी सहित प्रांतीय, जिला एवं परिक्षेत्र स्तर के पदाधिकारी, ग्राम प्रमुख, महिला मंच की पदाधिकारीगण और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि मेधावी विद्यार्थियों की सफलता पूरे समाज के लिए गर्व, प्रेरणा और उपलब्धि का प्रतीक है।
सम्मानित छात्र-छात्राओं ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए खोमन गुरुजी एवं समस्त समाज के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि समाज से मिला यह सम्मान उनके लिए गर्व और प्रेरणा का अमूल्य स्रोत है, जो उन्हें भविष्य में और अधिक मेहनत कर समाज, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगा।
खोमन गुरुजी की यह पहल निश्चित रूप से समाज के अन्य विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान देने की यह परंपरा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ नई चेतना और नई ऊर्जा का संचार करेगी।
अंततः, कलार समाज परिक्षेत्र फिंगेश्वर ने यह साबित कर दिया कि जब समाज शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है, तो मेधावी छात्र-छात्राएं केवल सफलता ही नहीं पाते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्वर्णिम इतिहास भी रचते हैं।

