मस्तूरी में हायर सेकेंडरी व्याख्याताओं के लिए ब्लूप्रिंट आधारित प्रशिक्षण का शुभारंभ नई शिक्षा नीति, ब्लूम टैक्सोनॉमी एवं आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली पर शिक्षकों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
मस्तूरी, बिलासपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा के आदेशानुसार विकासखंड मस्तूरी, जिला बिलासपुर में हायर सेकेंडरी स्तर के कला समूह एवं भाषा समूह के व्याख्याताओं हेतु ब्लूप्रिंट आधारित प्रथम चरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 11 मई 2026 से किया गया। यह पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 15 मई 2026 तक सेजस मस्तूरी कन्या विद्यालय में प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षा नीति, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों एवं नई मूल्यांकन प्रणाली से दक्ष बनाना है, ताकि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं परिणाममुखी शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस से ही शिक्षकों में विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा देखने को मिली। कार्यक्रम में विकासखंड स्तर के व्याख्याताओं को नई शिक्षा प्रणाली के विभिन्न आयामों से अवगत कराया गया। इस दौरान शिक्षकों को यह बताया गया कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की सोच, रचनात्मकता, विश्लेषण क्षमता एवं व्यवहारिक ज्ञान के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में व्याख्याता श्रीमती शांति सोनी, डीआरजी मास्टर ट्रेनर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर तथा बीआरजी मधुकर सर मास्टर ट्रेनर के रूप में उपस्थित रहे। दोनों प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को नवीन शिक्षण अवधारणाओं को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझाया। प्रशिक्षण सत्रों में सहभागिता आधारित गतिविधियों एवं उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को सक्रिय रूप से जोड़ा गया।
प्रथम दिवस के प्रशिक्षण में ब्लूम टैक्सोनॉमी एवं नवीन ब्लूम टैक्सोनॉमी की अवधारणा पर विशेष चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को बताया कि किस प्रकार विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच एवं रचनात्मक कौशल को विकसित करने के लिए नई मूल्यांकन प्रणाली तैयार की गई है। इसके साथ ही पुराने एवं नवीन ब्लूप्रिंट के मध्य अंतर को उदाहरण सहित विस्तारपूर्वक समझाया गया, जिससे प्रतिभागियों को नई परीक्षा एवं मूल्यांकन पद्धति की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों का प्री-टेस्ट भी आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से उनकी प्रारंभिक समझ एवं विषयगत दक्षता का आकलन किया गया। इससे प्रशिक्षकों को यह समझने में सहायता मिली कि शिक्षकों को किन विषयों पर अधिक मार्गदर्शन एवं अभ्यास की आवश्यकता है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को प्रश्न निर्माण, विषय आधारित मूल्यांकन, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं विद्यार्थियों की अधिगम क्षमता को विकसित करने के आधुनिक तरीकों की भी जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित व्याख्याताओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं विद्यार्थीकेंद्रित बनेगी। साथ ही नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों की कार्यशैली में सकारात्मक परिवर्तन आएगा, जिससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में भी सुधार होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में मस्तूरी विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी आदरणीय शिवराम टंडन सर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी रही। वहीं पूरे कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संयोजन करने में श्री प्रमोद पांडे सर का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन एवं व्यवस्थापन के कारण प्रशिक्षण अनुशासित, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी वातावरण में संचालित हो रहा है।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को समय के साथ अद्यतन रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई शिक्षा नीति एवं आधुनिक शिक्षण तकनीकों के अनुरूप आयोजित यह प्रशिक्षण निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



