विश्व रेड क्रॉस दिवस पर शांति सोनी ने दिया मानव सेवा और रक्तदान का प्रेरणादायी सन्देश | शासकीय उच्चतर,माध्यमिक विद्यालय महमंद में सेवा, संवेदना और मानवता से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के स्थापना दिवस के अवसर पर 8 मई को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद में विश्व रेड क्रॉस दिवस अत्यंत उत्साह, प्रेरणा और सेवा-भावना के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मानवता, करुणा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से ओतप्रोत अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के मन में सेवा, परोपकार और जरूरतमंदों की सहायता के संस्कार विकसित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं प्रेरणादायी उद्बोधन के साथ हुआ। विद्यालय की रेड क्रॉस प्रभारी शांति सोनी, व्याख्याता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रेड क्रॉस केवल एक संगठन नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा और पीड़ितों की सहायता का वैश्विक अभियान है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा, दुर्घटना या संकट की घड़ी में मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म होता है और प्रत्येक व्यक्ति को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि रेड क्रॉस का मूल उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के पीड़ित एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज सेवा और मानव कल्याण के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उनके प्रेरणादायी विचारों ने विद्यार्थियों के मन में सेवा और सहयोग की नई ऊर्जा का संचार किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रेड क्रॉस के सिद्धांतों पर आधारित भाषण, जन-जागरूकता गतिविधियाँ, सेवा-संकल्प कार्यक्रम एवं प्रेरणादायी प्रस्तुतियाँ दी गईं। विद्यार्थियों ने मानवता, भाईचारे और सामाजिक सहयोग पर आधारित संदेशों के माध्यम से उपस्थित लोगों को जागरूक किया। विद्यालय परिसर “मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है” जैसे प्रेरणादायी नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। शांति सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने बताया कि एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है और संकट की घड़ी में रक्तदान सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है। विद्यार्थियों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए उन्होंने समाज में इसके महत्व को विस्तार से समझाया।
इस अवसर पर पूर्व में आयोजित रक्तदान शिविर की जानकारी भी साझा की गई, जिसमें विद्यार्थियों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई थी। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने भविष्य में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सेवा के महत्व से भी अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील और जिम्मेदार बनना आवश्यक है।
कार्यक्रम का वातावरण सेवा, संवेदना, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना से परिपूर्ण रहा। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को अत्यंत सफल और प्रेरणादायी बना दिया। विश्व रेड क्रॉस दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के मन में मानवता, परोपकार और सामाजिक सेवा के अमूल्य संस्कार स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।




