रायपुर में सेवा की मिसाल: कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन ने किया नाद वितरण, पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था
रायपुर, 2 मई 2026।
भीषण गर्मी के इस दौर में जहां इंसान ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी पानी के लिए जूझ रहे हैं, वहीं कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन ने एक सराहनीय पहल करते हुए मानवता और सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। संस्था द्वारा दिनांक 02 मई 2026 को रायपुर में “नाद दान” कार्यक्रम का आयोजन कर गौ माता एवं पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था की गई।
इस पुनीत कार्य के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर नाद (पानी के पात्र) वितरित किए गए, ताकि सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों और आस-पास के पक्षियों को भीषण गर्मी में पानी मिल सके। यह पहल न केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि जीवों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता का भी परिचायक है।
संस्था के सदस्यों ने बताया कि गर्मी के मौसम में जल की कमी से पशु-पक्षियों को भारी परेशानी होती है, कई बार तो उन्हें पानी के अभाव में जान तक गंवानी पड़ती है। ऐसे में “नाद दान” जैसी छोटी-छोटी सेवाएं भी उनके जीवन के लिए अमूल्य साबित होती हैं।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के कार्यकर्ताओं ने लोगों को जागरूक करते हुए अपील की कि वे भी अपने घरों, दुकानों या मोहल्लों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखें, ताकि कोई भी जीव प्यासा न रहे। संस्था का यह संदेश स्पष्ट था—
“सेवा ही संकल्प, मानवता ही पहचान”।
इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। अगर हर व्यक्ति अपने स्तर पर एक छोटा सा प्रयास करे, तो यह मिलकर एक बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा किया गया यह कार्य न सिर्फ सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणा भी है कि इंसानियत केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में दिखनी चाहिए। इस तरह के प्रयास समाज में संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी जीवों के प्रति दया और जिम्मेदारी का संदेश देते हैं।
अपील:
संस्था ने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे गर्मी के इस मौसम में पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था अवश्य करें। आपके द्वारा रखा गया एक छोटा सा पानी का बर्तन भी किसी की जान बचा सकता है।
“एक कदम सेवा की ओर, एक जीवन बचाने की ओर।”

