“ईश्वर सत्य है – दंगल द बिरनपुर फाइल्स” : साहू समाज पर अत्याचार की सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म राकेश न्यूज़ एजेंसी, जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)
जांजगीर-चांपा।
छत्तीसगढ़ में हाल ही में बनने वाली फिल्म “ईश्वर सत्य है – दंगल द बिरनपुर फाइल्स” इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यह फिल्म साहू समाज से जुड़ी एक दर्दनाक घटना और उस पर हुए अत्याचार की कहानी को दर्शाती है। बताया जा रहा है कि यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है, जिसमें एक साधारण परिवार के संघर्ष और न्याय की लड़ाई को दिखाया गया है।
फिल्म की कहानी ईश्वर प्रसाद साहू के जीवन से प्रेरित बताई जा रही है। ईश्वर प्रसाद साहू पहले अपने गांव में रिक्शा चलाकर जीवन यापन करते थे। इसी दौरान उनके परिवार के साथ एक दुखद घटना घटित हुई। एक सांप्रदायिक तनाव और विवाद के दौरान उनके पुत्र भुवनेश्वर प्रसाद साहू की घर में घुसकर बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र और साहू समाज को झकझोर कर रख दिया था।
बताया जाता है कि यह घटना उस समय हुई थी जब राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel का कार्यकाल चल रहा था। घटना के बाद मामला काफी समय तक चर्चा में रहा और समाज में न्याय की मांग उठती रही।
समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और संघर्षों से गुजरते हुए ईश्वर प्रसाद साहू ने राजनीति में कदम रखा। बाद में विधानसभा चुनाव जीतकर वे विधायक बने और आज विधानसभा में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एक साधारण रिक्शा चालक से विधायक बनने तक का उनका यह सफर भी लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।
बताया जाता है कि चुनाव जीतने के बाद ईश्वर प्रसाद साहू ने अपने जीवन की इस घटना और अपने बेटे के साथ हुए अत्याचार को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से फिल्म बनाने का विचार रखा। इसके बाद फिल्म निर्माता हेमलाल चतुर्वेदी और रमेश कुमार नाग से चर्चा की गई। फिल्म निर्माताओं ने इस विषय पर फिल्म बनाने की सहमति दी और इसी के आधार पर “ईश्वर सत्य है – दंगल द बिरनपुर फाइल्स” फिल्म का निर्माण शुरू हुआ।
अब यह फिल्म पूरी तरह तैयार हो चुकी है और इसका लोकार्पण 3 अप्रैल को किया जाना प्रस्तावित है। फिल्म को छत्तीसगढ़ के विभिन्न सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने की तैयारी की जा रही है। साहू समाज के लोगों में इस फिल्म को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि यह उनके समाज से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना को बड़े पर्दे पर दिखाने वाली है।
इस फिल्म में एक साधारण व्यक्ति के संघर्ष, उसके परिवार पर हुए अत्याचार और न्याय की लड़ाई की कहानी को दर्शाया गया है। फिल्म के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि कैसे एक रिक्शा चलाने वाला व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए समाज और राजनीति में अपनी पहचान बनाता है।
राकेश कुमार साहू, जो स्वयं साहू समाज से जुड़े हुए हैं और इस खबर को कवर कर रहे हैं, उनका कहना है कि यह फिल्म किसी काल्पनिक कहानी पर नहीं बल्कि एक वास्तविक घटना पर आधारित है। उनके अनुसार, इस फिल्म के जरिए उस दर्दनाक घटना और उससे जुड़े संघर्ष को समाज के सामने लाने का प्रयास किया गया है।
रिपोर्टर: राकेश कुमार साहू
राकेश न्यूज़ एजेंसी
जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़
