देश के कई हिस्सों में रसोई गैस बुकिंग के दौरान ओटीपी (OTP) नहीं मिलने की समस्या के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों में ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है और लोग लंबे समय तक ओटीपी आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई बार ओटीपी समय पर नहीं पहुंच रहा है।
ग्राहकों का कहना है कि गैस बुकिंग करने के बाद भी मोबाइल पर ओटीपी नहीं आने से सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है। कुछ लोगों को ओटीपी मिल जाता है तो उन्हें गैस सिलेंडर मिल जाता है, लेकिन अधिकतर उपभोक्ता इंतजार करते-करते थक जाते हैं।
बताया जा रहा है कि पहले गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए लगभग एक महीने का समय निर्धारित था, लेकिन अब कई जगहों पर यह अवधि बढ़कर करीब 45 दिन तक पहुंच गई है। इससे उपभोक्ताओं में चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
घरों में रसोई गैस खत्म होने से परिवारों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। कई परिवारों में खाना बनाने में परेशानी हो रही है, क्योंकि आज के समय में अधिकतर लोग गैस चूल्हे पर ही खाना बनाते हैं और लकड़ी के चूल्हे का उपयोग कम हो गया है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो लोगों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। केंद्र सरकार का कहना है कि देश में रसोई गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ओटीपी संबंधी तकनीकी समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं को असुविधा हो रही है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि गैस बुकिंग और ओटीपी प्रणाली को जल्द से जल्द सुधार कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए, ताकि आम जनता को रसोई गैस समय पर मिल सके।
रिपोर्ट – राकेश न्यूज़ एजेंसी, जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)
