*रायपुर। वर्ल्ड ब्राम्हण फेडरेशन द्वारा आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में बिलासपुर की प्रख्यात शिक्षिका एवं कवयित्री पूर्णिमा तिवारी को “महिला शिखर सम्मान” से सम्मानित किया गया।*

 

 

यह सम्मान उन्हें शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन राजधानी रायपुर में किया गया, जहाँ प्रदेश के कई गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, शिक्षाविद एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। इस अवसर पर रायपुर की महापौर मीनल चौबे एवं राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने संयुक्त रूप से पूर्णिमा तिवारी को मंच पर सम्मानित करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किया।















समारोह को संबोधित करते हुए मीनल चौबे ने कहा कि पूर्णिमा तिवारी जैसी महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में न केवल उत्कृष्ट कार्य किया है, बल्कि अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश भी प्रसारित किया है। वहीं, लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करना समाज को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पूर्णिमा तिवारी ने इस सम्मान के लिए आयोजकों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, छात्रों और सहयोगियों को दिया।

ज्ञात हो कि पूर्णिमा तिवारी लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्होंने अनेक सामाजिक विषयों पर प्रभावशाली कविताएं लिखी हैं, जो समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। उनके साहित्यिक योगदान को प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली अन्य महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल सम्मान का मंच बना, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण संदेश भी देकर गया।