बिलासपुर से आस्था का विराट कारवां: 1008 रामभक्तों का ‘रथ’ अयोध्या के लिए रवाना, गूंजा ‘जय श्रीराम’

 बिलासपुर। चैत्र नवरात्र की पावन बेला में बिलासपुर एक बार फिर भक्ति, उत्साह और अनुशासन के अद्भुत संगम का साक्षी बना। बुधवार दोपहर शहर का सिविल लाइन पुलिस मैदान ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा, जब 1008 रामभक्तों का भव्य जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। 25 एसी बसों और 10 कारों में सवार श्रद्धालुओं का यह विशाल कारवां न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाई देता नजर आया।











दोपहर करीब एक बजे जैसे ही मंच से अतिथियों ने भगवा ध्वज और हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया, पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया। यात्रा की शुरुआत विशेष रूप से पवनपुत्र हनुमान की प्रतिमा को बस की प्रथम सीट पर विराजमान कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया और जयकारों के बीच बसों में सवार हुए।

भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम

सुबह से ही सिविल लाइन पुलिस मैदान में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा था। भगवा वस्त्र, माथे पर तिलक और ‘जय श्रीराम’ के जयकारों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। भजन, ढोल-नगाड़ों और स्वागत गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी ने इस आयोजन को जन-जन का उत्सव बना दिया।

मंच को आकर्षक फूलों, भगवा ध्वजों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था। बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था, पानी वितरण केंद्र और सुचारू आवागमन प्रबंधन ने आयोजन को सुव्यवस्थित बनाए रखा। पूरा मैदान एक विशाल आध्यात्मिक मेले का रूप ले चुका था।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व मंत्री एवं विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष दीपक सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी—कलेक्टर संजय अग्रवाल, आईजी राम गोपाल गर्ग और एसएसपी रजनेश सिंह—ने मंच से श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
























दोपहर 12:50 बजे महाआरती के साथ पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। अतिथियों ने इस यात्रा को बिलासपुर की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए कहा कि यह आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और सेवा का अद्वितीय उदाहरण है।

हनुमान जी बने ‘प्रथम यात्री’, सुरक्षा और श्रद्धा का संदेश

यात्रा की सबसे विशेष परंपरा रही—बस की पहली सीट पर संकट मोचन हनुमान की प्रतिमा का विराजमान होना। अयोध्या दर्शन यात्रा समिति के सदस्य रौशन सिंह ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है। मान्यता है कि हनुमान जी की उपस्थिति पूरे जत्थे की सुरक्षा, अनुशासन और सफल यात्रा का प्रतीक है।

व्यवस्था का उत्कृष्ट प्रबंधन, हर स्तर पर निगरानी

इस वर्ष यात्रा का स्वरूप और भी भव्य और संगठित नजर आया। 25 एसी बसों और 10 कारों के इस काफिले में हर वाहन में सुरक्षा, चिकित्सा और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई। प्रत्येक बस में एक टीम लीडर और पांच स्वयंसेवकों की टोली तैनात की गई है, जो यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखेगी।

एंबुलेंस, मेडिकल स्टाफ, सुरक्षा दल और कंट्रोल टीम भी यात्रा के साथ रवाना हुई। आधुनिक संचार तंत्र से जुड़ी व्यवस्था के तहत हर वाहन की लाइव लोकेशन और स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। बसों की तकनीकी जांच, यात्रियों की सूची और आईडी सत्यापन जैसे सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

प्रशासन और समिति का बेहतरीन समन्वय

कलेक्टर, पुलिस प्रशासन और नगर निगम की टीमों ने सुबह से ही आयोजन स्थल पर मोर्चा संभाल रखा था। सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। यह आयोजन प्रशासन और समिति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।

अयोध्या में भव्य स्वागत की तैयारी

आयोजन समिति के अनुसार, अयोध्या पहुंचने पर श्रद्धालुओं का विशेष स्वागत किया जाएगा। ठहरने, भोजन और दर्शन की सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई हैं। समिति का लक्ष्य है कि हर यात्री को सुरक्षित, सम्मानजनक और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो।

प्रवीण झा का नेतृत्व, सेवा भावना की मिसाल

इस भव्य आयोजन के संयोजक प्रवीण झा लगातार तीसरे वर्ष इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं। उनकी टीम महीनों से सूक्ष्म योजना, अनुशासन और सेवा भाव के साथ तैयारी में जुटी रही। प्रवीण झा ने कहा कि यह यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है—जहां हर श्रद्धालु को सम्मान और सुरक्षा के साथ भगवान श्रीराम के दर्शन कराना ही उद्देश्य है।

सैकड़ों सहयोगियों का समर्पण बना आयोजन की ताकत

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में रामप्रताप सिंह, रौशन सिंह, एके कंठ, ललित पुजारा, त्रिभुवन सिंह, रिंकू मित्रा, हरिशंकर कुशवाहा, चंद्र किशोर प्रसाद, संजय द्विवेदी, सागर साहू, मुकेश झा, दिव्यांश झा, राजीव अग्रवाल, अजीत पंडित, राकेश राय, सन्नी गिरी, जयदीप घोष, शौलेन्द्र सिंह, माधव सिंह, नितीन श्रीवास्तव, रुपेश कुशवाहा, विक्की राय, हर्ष सिंह, प्रमोद सिंह, विनय सिंह, अंबिकेश पांडे, ईश्वर यादव, समर्पित जैन, प्रकाश देबनाथ, ऋतिक गिरी, त्रिलोकी तिवारी, सनद पटेल और प्रभात चौधरी सहित अनेक कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।

आस्था, अनुशासन और एकता का संदेश

बिलासपुर से अयोध्या के लिए रवाना हुआ यह विशाल कारवां केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण बन गया। ‘जय श्रीराम’ के जयघोष के साथ निकला यह जत्था न केवल भगवान राम के दर्शन के लिए अग्रसर है, बल्कि पूरे समाज को भक्ति और समर्पण का संदेश भी दे रहा है।