रिपोर्टर: राकेश कुमार साहू, जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)
स्थान: बिलासपुर / जांजगीर-चांपा
बिलासपुर के जिला अस्पताल से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। डिलीवरी के बाद मरीजों के परिजनों से ‘खर्चापानी’ के नाम पर पैसों की मांग करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की जांच की मांग उठने लगी है।
जानकारी के अनुसार, मामला जिला अस्पताल बिलासपुर का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक महिला स्टाफ प्रसव के बाद मरीज के परिजनों से रकम मांगती नजर आ रही है। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद ‘रिवाज’ या ‘खर्चापानी’ के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।
गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। सरकार द्वारा मातृत्व सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित व नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। ऐसे में यदि किसी भी प्रकार से पैसों की मांग की जा रही है, तो यह नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा।
आरोप यह भी है कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों से तो आसानी से रकम ले ली जाती है, लेकिन गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर भी दबाव बनाया जाता है। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के दावों के बीच ‘खर्चापानी’ की यह मांग कितनी सच्चाई रखती है और दोषियों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। पूरे मामले पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।