छालीवुड में फिर छिड़ा पोस्टर वार मंगलसूत्र के पोस्टर के ऊपर चस्पा हुआ सरकारी दामाद का पोस्टर, उद्योग में बढ़ी नाराज़गी

 छत्तीसगढ़ी सिनेमा (छालीवुड) में एक बार फिर पोस्टर वार सुर्खियों में है। शहर में फिल्म प्रचार के लिए लगाए गए मंगलसूत्र के पोस्टरों के ऊपर सरकारी दामाद के पोस्टर चस्पा किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह घटना बीती रात की है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में असंतोष और नाराज़गी का माहौल बन गया है।

सीमित स्थान, बढ़ता टकराव






छत्तीसगढ़ी सिनेमा इंडस्ट्री में पहले से ही प्रचार के लिए पोस्टर लगाने के स्थान सीमित हैं। ऐसे में जब एक ही तारीख को दो फिल्में रिलीज होती हैं, तो इसका असर सबसे पहले प्रचार-प्रसार पर पड़ता है। पोस्टर वार उसी का नतीजा है।

जानकारी के अनुसार, पहले शहर में मंगलसूत्र फिल्म के पोस्टर लगाए गए थे, लेकिन बाद में सरकारी दामाद के पोस्टर उन्हीं के ऊपर चिपका दिए गए। कुछ स्थानों पर पोस्टर फाड़े जाने की भी शिकायत सामने आई है, जिस पर मंगलसूत्र के निर्देशक ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

“यह स्वार्थपूर्ण और अशोभनीय कृत्य”

मंगलसूत्र के निर्देशक ने कहा कि एक ही समय पर दो या उससे अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होना अपने आप में प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है, लेकिन पहले से लगे पोस्टर के ऊपर अपना पोस्टर चिपकाना या उसे नुकसान पहुंचाना स्वार्थपूर्ण और अशोभनीय कृत्य है।

उन्होंने सभी निर्माताओं और प्रचार टीमों से अपील की कि अपने लाभ के लिए दूसरों को नुकसान न पहुंचाएं, क्योंकि दोनों ही फिल्मों में निर्माताओं की मेहनत और पूंजी लगी होती है।

पहली बार नहीं, पुरानी समस्या

यह पहली बार नहीं है जब छालीवुड में इस तरह का पोस्टर विवाद सामने आया हो। जब भी एक ही तारीख को दो फिल्में रिलीज होती हैं, तो ऐसी स्थिति अक्सर देखने को मिलती है। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि इसका स्थायी समाधान तभी संभव है, जब निर्माता और वितरक मिलकर रिलीज डेट को लेकर गंभीर और जिम्मेदार निर्णय लें।

डिस्ट्रीब्यूटर की भूमिका पर सवाल

6 फरवरी को छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में मंगलसूत्र और सरकारी दामाद—दोनों फिल्मों को एक साथ रिलीज किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या डिस्ट्रीब्यूटर को एक ही तारीख को दो फिल्मों के प्रदर्शन की अनुमति देनी चाहिए?

उद्योग के जानकारों का कहना है कि एक साथ दो फिल्मों के प्रदर्शन से न केवल प्रचार में टकराव होता है, बल्कि आपसी विवाद और झगड़े की आशंका भी बढ़ जाती है।

जनसंपर्क अधिकारी की राय

छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के डिजिटल जनसंपर्क अधिकारी राकेश कुमार साहू का कहना है कि इस तरह की स्थिति से बचने के लिए एक ही तारीख को दो फिल्मों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बेहतर होगा कि किसी एक फिल्म की रिलीज डेट आगे–पीछे कर दी जाए, ताकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे और विवाद की नौबत न आए।

रिपोर्टर – राकेश कुमार साहू

जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़