आम बजट 2026 गांव, गरीब, मजदूर और किसानों के लिए निराशाजनक : त्रिलोक चंद्र श्रीवास ,,,

आम बजट 2026 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिले के लोकप्रिय कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास, राष्ट्रीय समन्वयक – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, ने बजट को पूरी तरह से आम जनता के हितों की अनदेखी करने वाला बताया। 

उन्होंने कहा कि यह बजट देश के उस वर्ग के लिए बेहद निराशाजनक है, जो भारत की रीढ़ माना जाता है। गांव, किसान और मजदूर इस देश की आत्मा हैं, लेकिन बजट 2026 में इनके लिए कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान नहीं किए गए हैं। देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी आज भी गांवों में निवास करती है, बावजूद इसके इस बजट में ग्रामीण भारत की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।


त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कहा कि किसानों के बजट में कटौती की गई है और उनकी राहत से जुड़े कोई विशेष प्रावधान नहीं किए गए। पिछले वर्ष किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने की घोषणा की गई थी, लेकिन इस वर्ष भी किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट ₹3,00,000 पर ही स्थिर रखी गई है। बढ़ती महंगाई, खाद-बीज और डीजल की कीमतों के बीच किसानों को इससे कोई वास्तविक राहत नहीं मिलने वाली है। 

उन्होंने आगे कहा कि टैक्स देने वाले मध्यम वर्ग के लिए भी इस बजट में कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। आम करदाता को जिस राहत की उम्मीद थी, वह इस बजट में पूरी तरह नदारद है। शिक्षा के क्षेत्र को लेकर भी त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुल शिक्षा बजट में कटौती की गई है। यूपीए सरकार के समय उच्च शिक्षा के लिए जितना बजट होता था, आज उतनी ही राशि पूरे शिक्षा विभाग के लिए रखी गई है, जो भविष्य के भारत के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है। 

उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से आम वर्ग, गांव, गरीब, मजदूर और किसान विरोधी है। इससे न तो रोजगार बढ़ेगा, न महंगाई पर नियंत्रण होगा और न ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अंत में त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कहा कि आम बजट 2026 से देश के आम नागरिकों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। यह बजट केवल घोषणाओं का दस्तावेज है, जबकि जमीन पर इससे जनता को कोई लाभ नहीं मिलने वाला।