डार्लिंग प्यार झुकता नहीं अगेन का शुभारंभ रायपुर में

 रायपुर / जांजगीर-चांपा।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा जगत की बहुप्रतीक्षित पारिवारिक फिल्म डार्लिंग प्यार झुकता नहीं अगेन का शुभारंभ राजधानी रायपुर स्थित प्रभात टॉकीज में किया गया। इस अवसर पर फिल्म की निर्मात्री भारती वर्मा, कलाकार नितिन देशमुख, श्रीपर्णा, छत्तीसगढ़ी फिल्म प्रमोटर विकास यादव तथा रिपोर्टर राकेश कुमार साहू सहित अन्य कलाकार एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

फिल्म पर प्रथम प्रतिक्रिया











फिल्म प्रदर्शन के पश्चात दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। पूर्व में आई मन कुरैशी अभिनीत "डार्लिंग प्यार झुकता नहीं" से तुलना करने पर यह फिल्म कुछ अलग अंदाज़ में प्रस्तुत की गई है। हालांकि कहानी और प्रस्तुति को लेकर यह अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई। फिल्म की कथा में कई मोड़ हैं, लेकिन कथानक की मजबूती और प्रभाव में कुछ कमी महसूस की गई।

संवाददाता द्वारा निर्मात्री से चर्चा के दौरान यह भी सुझाव दिया गया कि फिल्म निर्माण के साथ-साथ प्रभावी प्रचार-प्रसार भी अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के लिए विशेष दर्शक दीर्घा की व्यवस्था नहीं थी, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा। पूर्व में फिल्मों के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों एवं मीडिया के लिए आतिथ्य व्यवस्था रहती थी, जिसकी कमी इस आयोजन में देखने को मिली।

पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप

कार्यक्रम के दौरान एक अप्रिय घटना भी सामने आई। रिपोर्टर के अनुसार, जब वे फिल्म के संबंध में चर्चा हेतु निर्मात्री से मुलाकात कर रहे थे, तभी निजी प्रबंधन के एक व्यक्ति द्वारा उन्हें कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा गया। पत्रकार को कथित रूप से धक्का-मुक्की कर बाहर निकालने की घटना से पत्रकार समुदाय में नाराज़गी देखी गई।

पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की अपेक्षा जताई है।

सौजन्य मुलाकात एवं समीक्षा

इसके पश्चात संवाददाता एवं फिल्म प्रमोटर ने फिल्म की हीरोइन से सौजन्य मुलाकात कर सामान्य वार्तालाप किया तथा फिल्म की शूटिंग एवं नए कलाकारों को शुभकामनाएं दीं।

फिल्म की समग्र समीक्षा करते हुए संवाददाता ने तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए 10 में से 10 अंक देने की बात कही, हालांकि कहानी और प्रस्तुति को मध्यम स्तर का बताया। फिल्म में दर्शाए गए हत्या एवं अपराध प्रसंगों के अनुरूप अदालत और पुलिस थाना जैसे दृश्यों की अपेक्षा भी व्यक्त की गई, जो कथानक को और अधिक प्रभावशाली बना सकते थे।

रिपोर्ट: राकेश कुमार साहू

जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़