जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)। महान छत्तीसगढ़ी पारिवारिक एवं सामाजिक संदेश से परिपूर्ण फिल्म मंगलसूत्र का भव्य शुभ मुहूर्त एवं लोकार्पण 06 फरवरी को श्याम टॉकीज में बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक, कलाकारगण एवं दर्शकों की खचाखच भीड़ देखने को मिली।
इस अवसर पर अतिथि दर्शक के रूप में शालिनी विश्वकर्मा एवं किरण चौहान भी मौजूद रहे। फिल्म देखने के बाद उन्होंने कहा कि “मंगलसूत्र एक बेहद खूबसूरत और भावनात्मक फिल्म है, जिसकी कहानी सरल लेकिन प्रभावशाली है। यह पारिवारिक मूल्यों को मजबूती से दर्शाती है।”
फिल्म की कहानी और संदेश -
फिल्म मंगलसूत्र विवाह, विश्वास और नारी त्याग की महिमा को दर्शाती है। चाहे कोई भी धर्म हो—हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई—विवाह एक पवित्र बंधन है और मंगलसूत्र उस बंधन का प्रतीक माना जाता है।
फिल्म की कहानी में नायक-नायिका के वैवाहिक जीवन में एक ऐसा मोड़ आता है, जहाँ परिस्थितियों के कारण नायक के जीवन में दूसरी स्त्री का प्रवेश हो जाता है, जिससे पारिवारिक तनाव उत्पन्न होता है। लेकिन जब नायक जीवन-मरण के संकट में फँसता है, तब वही पहली पत्नी अपने त्याग और समर्पण से उसकी जान बचाती है। यहीं से फिल्म मंगलसूत्र की वास्तविक महिमा और नारी शक्ति को उजागर करती है।
धार्मिक ग्रंथों में वर्णित मंगलसूत्र की महत्ता को आधार बनाकर निर्माता-निर्देशक ने इस फिल्म का निर्माण किया है, जो आज की पीढ़ी को पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की अहमियत समझाने का सशक्त प्रयास है।
हमारे संवाददाता राकेश कुमार साहू ने फिल्म देखने के पश्चात कहा कि “मंगलसूत्र आज के सामाजिक परिवेश में एक सशक्त संदेश देती है। यह फिल्म बताती है कि वैवाहिक जीवन में विश्वास और निष्ठा सबसे बड़ा आधार होता है।”
मीडिया परिवार की ओर से फिल्म ‘मंगलसूत्र’ के उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर कलाकारों एवं अतिथियों के साथ संवाददाता की मुलाकात हुई, जिनकी तस्वीरें समाचार के माध्यम से साझा की जा रही हैं।
रिपोर्टर: राकेश कुमार साहू
जिला: जांजगीर-चांपा
राज्य: छत्तीसगढ़




