रायपुर, 11 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश के लाखों किसान गंभीर आर्थिक संकट में हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के लगभग 7.5 लाख से अधिक किसानों का करीब 23 लाख टन धान, जिसकी कीमत लगभग 7130 करोड़ रुपये है, नहीं खरीदा गया। लगभग 2.5 लाख पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी नहीं की गई। वहीं एग्रीस्टेक पोर्टल की तकनीकी समस्याओं और रकबा सरेंडर जैसी प्रक्रियाओं के कारण 5 लाख से अधिक किसान अपना धान बेचने से वंचित रह गए।
बैज ने आरोप लगाया कि सरकार ने शुरू से ही कम से कम किसानों से धान खरीदी की रणनीति पर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल की पूरी कीमत पाने से वंचित हो गए।
उन्होंने कहा कि किसान फसल उत्पादन के लिए ऋण लेते हैं और वर्षभर का पारिवारिक खर्च मुख्यतः धान की आय पर निर्भर रहता है। धान नहीं बिकने के कारण किसान ऋण चुकाने में असमर्थ हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि धान खरीदी में टोकन न कटने और उपज न बिकने की परेशानी से आहत होकर एक दर्जन किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया तथा दो किसानों ने आत्महत्या कर ली।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा कम खरीदी के बावजूद इसे उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया। विभिन्न जिलों में पिछले वर्ष की तुलना में कम खरीदी के आंकड़े जारी किए गए और संबंधित अधिकारियों को संदेश भेजकर बधाई दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लक्ष्य से कम खरीदी हुई है तो बधाई किस बात की? इससे स्पष्ट है कि कम खरीदी ही सरकार का उद्देश्य था।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि सभी पात्र किसानों से पूर्ण धान खरीदी सुनिश्चित की जाए, तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाए और किसानों को उनके उत्पादन का समुचित मूल्य तुरंत प्रदान किया जाए।
सुशील आनंद शुक्ला
अध्यक्ष, कांग्रेस संचार विभाग
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
