महाशिवरात्रि पर लिंगराज मंदिर में गूंजा छग : उड़ीसा के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन मांझी से तनिष्क वर्मा सम्मानित मात्र 10–11 वर्ष की आयु में बाल कलाकार ने भजन संध्या में बिखेरा भक्ति का जादू, श्रद्धालु झूम उठे — राष्ट्रीय मंच पर बनी मजबूत पहचान

बिलासपुर/भुवनेश्वर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भुवनेश्वर स्थित विश्व प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर आस्था और भक्ति के महासागर में डूबा नजर आया। देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं के बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का नाम उस समय विशेष रूप से गूंज उठा, जब नन्हे बाल कलाकार और छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित तनिष्क वर्मा ने भजन संध्या में अपनी अद्भुत प्रस्तुति दी।


मात्र 10–11 वर्ष की आयु में तनिष्क की मधुर और साधना से परिपक्व आवाज़ ने ऐसा समां बांधा कि पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे, कई भक्त भक्ति में लीन हो गए और उपस्थित संत-महात्मा भी बाल कलाकार की प्रतिभा देखकर आश्चर्यचकित रह गए।

यह पहली बार नहीं है जब तनिष्क ने बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी हो। इससे पूर्व वे महाकुंभ मेले में प्रस्तुति देकर भी खूब सराहना प्राप्त कर चुके हैं। किंतु लिंगराज मंदिर जैसे ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के धार्मिक स्थल पर प्रस्तुति ने उनकी पहचान को और अधिक मजबूत बना दिया है।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर उड़ीसा के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन मांझी ने मंच पर तनिष्क वर्मा को सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल एक बाल कलाकार की उपलब्धि रहा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन गया।

लिंगराज मंदिर के सचिव सनत मिश्रा ने तनिष्क के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में ऐसी साधना, सुर और समर्पण अत्यंत दुर्लभ है और वह आगे चलकर देश का बड़ा कलाकार बनेगा।

वहीं छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी तनिष्क को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रमाण है और युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

छोटे से कद में बड़ी प्रतिभा समेटे तनिष्क वर्मा आज छत्तीसगढ़ की नई सांस्कृतिक पहचान बनते जा रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण है।

-  TGB मीडिया डायरेक्टर पुष्पा साहू की विशेष रिपोर्ट