छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा ने 100 गांवों का शतक किया पार गांव-गांव मिल रहा अभूतपूर्व जनसमर्थन, किसानों ने सौंपा ज्ञापन
रायपुर, 10 फरवरी।
“सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज” के बैनर तले निकाली जा रही छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा ने सैकड़ों गांवों की यात्रा पूर्ण करते हुए 100 गांवों का ऐतिहासिक शतक पूरा कर लिया है। यह रथ यात्रा अपने 15वें दिन महासमुंद जिले के कुहरी, बांसकुडा, बांसकुडा-2, बिरबिरा, जलकी, छपोराडीह, मालीडीह, पिरदा, फुसेराडीह एवं लंहगर गांवों में गली-गली भ्रमण करते हुए पहुँची।
गांवों में जैसे ही छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ का प्रवेश हुआ, वैसे ही “छत्तीसगढ़ी महतारी की जय” और “सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज जिंदाबाद” के नारों से वातावरण गूंज उठा। किसान, युवा एवं महिलाओं की भारी भीड़ रथ यात्रा में उमड़ पड़ी। रथ यात्रा में छत्तीसगढ़ी महतारी की वंदना, तथा लोकप्रिय कवि-गीतकार स्व. लक्ष्मण मस्तुरिया के जागरण गीतों ने लोगों को भावविभोर कर दिया। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने रथ की आरती उतारकर स्वागत किया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने संगठन की सदस्यता भी ग्रहण की।
गांव-गांव आयोजित सभाओं को राज्य निर्माण संग्राम सेनानी श्री लालाराम वर्मा, छन्नूलाल साहू, अशोक कश्यप, नंदकुमार साहू, बलराम साहू, राधाबाई सिन्हा, श्यामा बाई ध्रुव, धनेश्वर यादव, टुकेश्वरी ध्रुव, लोक कलाकार लक्ष्मी निषाद, वृजकिशोरी साहू, जनकूराम साहू सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।
रथ यात्रा के प्रभारी एवं किसान नेता श्री लालाराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों को शोषण से बचाने, छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता, भाषा-संस्कृति और इतिहास पुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए सभी छत्तीसगढ़िया भाई-बहनों को पार्टीबंदी और जातिबंदी से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज से जुड़कर ही सामूहिक संघर्ष को मजबूत किया जा सकता है।
इसी क्रम में सत्याग्रही किसानों ने महासमुंद जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर छत्तीसगढ़ी महतारी की जप्ती एवं दंडाधिकारी जांच के विरोध में ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
— जागेश्वर प्रसाद
संयोजक, सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज
