विष्णु देव सरकार के निर्देश पर तुमगांव थाने में बंदी बनाई गई छत्तीसगढ़ी महतारी के विरोध में लाखों छत्तीसगढ़िया सड़कों पर उतरे। छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा नया रायपुर पहुँची, हजारों किसान समाज के सदस्य बने
विष्णु देव सरकार के निर्देश पर तुमगांव थाने में बंदी बनाई गई छत्तीसगढ़ी महतारी के विरोध में लाखों छत्तीसगढ़िया सड़कों पर उतरे। छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा नया रायपुर पहुँची, हजारों किसान समाज के सदस्य बने।
रायपुर, 26 जनवरी | संविधानिक आज़ादी (गणतंत्र दिवस) के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ी महतारी, भाषा-संस्कृति एवं पुरखों के इतिहास की अस्मिता की रक्षा करने एवं सम्मान दिलाने के लिए सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले पुरानी बस्ती स्थित शीतला मंदिर में छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा का शुभारंभ महारथी एवं पूजा-पाठ के साथ दोपहर 1 बजे किया गया।
महाआरती में विभिन्न समाज की 36 महिलाओं ने भाग लिया। इसकी अगवानी राधा सिंह, रितु महंत, श्यामा ध्रुव एवं मंजू यादव ने की।
इस महाआरती कार्यक्रम में सर्व छत्तीसगढ़िया समाज के प्रतिनिधि, राज्य निर्माण संग्राम सेनानी प्रमुख जी. पी. चन्द्राकर, अनिल दुबे, जागेश्वर प्रसाद, लाला राम वर्मा, योगेंद्र सोनबर, विमल ताम्रकार, छन्नू साहू, शिवनारायण ताम्रकार, अशोक कश्यप, बृजबिहारी साहू, श्यामु राम सेन की अगुवानी में रथ यात्रा नया राजधानी की ओर कूच किया।
इस ऐतिहासिक महाआरती एवं रथ यात्रा में
साहू समाज से जगदंबा साहू, रघुनंदन साहू, गंगा
राम साहू,
ताम्रकार समाज से दीपक ताम्रकार, राजेश ताम्रकार,
चन्द्राकर समाज से आदर्श चंद्राकर, विमलेश चंद्राकर,
सिन्हा समाज से ठाकुर राम सिंह, नाथूराम सिंह,
सतनामी समाज से रोहन कांसरे, शिवकुमार,
लोधी समाज से भगत वर्मा,
राजाराम सिंधौर,
देवांगन समाज से राजकुमार देवांगन,
निषाद समाज से लक्ष्मी निषाद,
यादव समाज से जे. आर. यादव,
बंगाली समाज से हिमांशु चक्रवर्ती, केशरी मल (काँकेर),
मुस्लिम समाज से सलीम भाई सहित 21 समाजों के प्रतिनिधि, सैकड़ों किसान, जवान, छात्र एवं महिलाओं ने भाग लिया।
इस ऐतिहासिक छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा का विशेष आकर्षण लोक कलाकारों की मंडली रही, जो छत्तीसगढ़ी महतारी वंदना एवं अस्मिता जागरण गीत-नृत्य से पूरे अंचल को गुंजायमान कर रही थी। वहीं दूसरी ओर शोषण एवं अपमान के खिलाफ जोशीले नारों ने जनमानस में जोश-उमंग भर दिया, जैसे—
“छत्तीसगढ़ के शोषकों छत्तीसगढ़ छोड़ दो”,
“जहाँ के खाओ वहीं का गाओ, नहीं तो अपना प्रदेश जाओ”।
छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा शीतला मंदिर, बुढ़ेश्वर मंदिर, सिद्धार्थ, टिकरापारा, पचपेढ़ी नाका, माना होते हुए नया राजधानी में प्रवेश की।
रथ यात्रा का नेतृत्व लालाराम वर्मा, अशोक कश्यप एवं बृजबिहारी साहू कर रहे थे।
जागेश्वर प्रसाद
लोकतंत्र सेनानी, राज्य निर्माण संग्राम सेनानी
संयोजक – सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज


